चुदक्कड़ परिवार में बुआ और चाची को चोदा - Fucked aunt and uncle in a horny family

 चुदक्कड़ परिवार में बुआ और चाची को चोदा

Ansuni Kahaniyan || अनसुनी कहानियां

दोस्तो, मेरा नाम अवी है।

मेरी पिछली कहानी

चुदक्कड़ परिवार में सारी चूतें चुद गई

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अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे मैं अपने दादा से मिला और फिर वहाँ मुझे चूत का भंडार मिला. कैसे मैंने अपने चचेरी बहन निशा को चोदा. उसके बाद भाभी की चुदाई की फिर ज्योति की चूत का भोसड़ा बनाया और गांड भी चौड़ी कर दी.

मैं दूध पीता हुआ दादा जी से बात करने लगा।

दादा- अभी तक तो छोटी रंडियों को तूने चोदा. इनकी चूत फाड़ना आसान था. अब इस घर की सबसे बड़ी रांड को चोदना है. तू इसकी चीखें निकाल कर दिखा … तब मैं मानू तुझे!

मैं- अब आप बस देखते जाओ दादा जी … कैसे इनकी चीख निकालता हूँ मैं!

मैं बुआ के पास गया और उनकी टॉप और स्कर्ट दोनों फाड़ कर नंगी कर दिया.

उन्होंने ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी वो तो पूरी नंगी हो गई।

उसके बाद मैंने किस करना स्टार्ट किया जिसमें उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया।

साथ मैंने उसकी चूचियों को जोर जोर से मसलने लगा।

बुआ- तेरे ही हैं ये थोड़ा आराम से मसल इन्हें … मैं कहीं भागी थोड़े जा रही हूँ।

निशा- क्यूँ हमारी चुदाई कौन से प्यार से हुई है? जरा भी रहम मत करना इस कुतिया पर! हमसे भी बुरा हाल करना. आखिर हम भी तो देखें कि कितने लंड खा चुकी है ये रांड!

मैं- सुन रज्जो रांड, तेरी चुदाई तो ऐसी करने वाला हूँ जैसा आज तक किसी ने नहीं किया होगा तेरे साथ।

इतना कह कर मैंने अपना लंड उसकी मुंह में डाल दिया जिसे वो बड़े मजे से चूसने लगी।

मैंने निशा को पास बुलाया और उसकी कान में कुछ कहा.

वो खुश हो कर सब कुछ लाने चली गई।

थोड़ी देर बाद वो रस्सी ले कर आयी जिससे रज्जो के हाथ पैर दोनों बाँध दिये हमने.

फिर सारी लेडीज को इशारा किया.

सब आकर उसे चूसने लगी.

कोई रज्जो की चूत चाट रही थी तो कोई चूचियां.

तो कोई गांड!

चारों ने मिल कर उसे हर जगह चाटा.

वो इतनी गरम हो गई कि लंड के लिए मिन्नतें करने लगी.

मगर उसकी चुदाई इतनी जल्दी नहीं करनी थी।

फिर निशा ने 2 उंगली उसकी चूत में घुसा दी और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगी.

मालती ने उसकी गांड में उंगली करना स्टार्ट कर दिया।

इतने में ही वो चिल्लाने लगी- प्लीज मुझ पर थोड़ा तो रहम करो. प्लीज मेरी चूत में अपना लंड डाल दो, मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ।

किसी ने उसकी बात ना सुनी.

सब अपने काम में लगे रहे.

तभी ज्योति ने आइस क्यूब ले आई और उसके पूरे जिस्म पर आइस चलाने लगी.

जिससे उसकी हालत और खराब होने लगी।

तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, मैंने एक आइस क्यूब उठाया और उसकी चूत में डाल दिया.

बेचारी सर से पैर तक सिहर गई।

मैंने उसे उंगली से और अंदर कर दिया।

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फिर ऐसे ही 4 आइस क्यूब डाल दिये. फिर लंड से और अंदर तक घुसा दिये जिससे वो और ज्यादा तड़पने लगी।

धीरे धीरे आइस पिघल गई तब जा कर वो शान्त हुई।

आइस की वजह से चूत हल्की सिकुड़ गई थी.

मुझे यही सही मौका लगा मैंने सब को हटा कर उसकी चूत पर लंड सेट किया.

फिर दादा जी को सुनने का इशारा किया और जोरदार धक्का मारा जिससे एक बार में मेरा पूरा लंड चूत की गहराई में उतर गया।

और बुआ की चीख निकल गई।

जिसे सुन कर दादा बहुत खुश हुए।

उसके बाद अगले 1 घंटे तक क्रेजी सेक्स करके उसकी चूत और गांड का मैंने भरता बनाया.

और आखिर में उसकी चूत में ही अपना सारा पानी गिरा दिया।

उसकी शक्ल पर दर्द और खुशी का मिला जुला एक्सप्रेशन था।

मैंने पूछा- क्या हुआ? मजा आया?

इस पर बुआ बोली- सच आज जो चुदाई हुई है, वो आज से पहले कभी नहीं हुई थी. मैं तो दासी बन गई तुम्हारी!

मैंने बोला- अब अंजू की चुदाई के इन्तज़ाम में लग जाओ सब!

अंजू- इन सब रांड की चुदाई देख कर अब मुझसे वेट नहीं होता. थोड़ा जल्दी करो. वैसे भी 7 बज गए हैं. रात तो हो ही गई है. तो यार इन्तज़ाम क्या करना? ऐसे ही करते हैं ना!

रज्जो- बड़ी जल्दी है तुझे रांड बनने की? आज तेरी चुदाई करवाती हूँ ऐसी कि जितना तू चुदने को बेताब हैं ना … तू उतना ही मना करेगी।

अंजू- देखते हैं आखिर क्या करती हो आप आज!

इतना सुन कर बुआ कमरे में गई कपड़े पहने और फोन ले कर कहीं चली गई।

बस जाते जाते वो इतना बोली- 11 बजे तक रेडी हो जाना दोनों।

फिर क्या था मैं बाहर सिगरेट पीने चला गया।

फिर 3 पैग मारे एक ठेके पर जा कर!

वापस आते हुए 9 बज गए थे.

मैंने देखा बुआ आंगन में बेड लगवा रही थी जो कि काफी सजा हुआ था।

वैसे हमारी हवेली के आस पास बहुत कम घर थे और कोई आस पास दिख भी नहीं रहा था।

मगर आंगन में चुदाई काफी रिस्की हो सकती है।

मैंने बुआ को ये बात बोली.

तो वो बोली- ये गाँव है, यहाँ अब कोई बाहर नहीं निकलेगा. तो हम जो चाहें, वो कर सकते हैं।

इतना कह कर वो वहीं नंगी हो गई और मुझे भी नंगा कर दिया।

हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के जिस्म से खेलते हुए हवेली के अंदर पहुंचे तो अंजू ने पूछा- कपड़े कहाँ छोड़ आये?

रज्जो- तेरा यही टास्क है, तुझे हम दोनों के कपड़े ढूंढ कर लाने हैं।

अंजू को सबने तैयार ऐसा किया था कि उसकी चूचियां, चूत और गांड साफ दिख रहे थे, बाकी हिस्सा ढका हुआ था।

वो उसी अवस्था में कपड़े ढूंढने लगी.

10 मिनट तक पूरे घर में ढूँढने से जब कपड़े नहीं मिले तो उसने मेरी तरफ देखा.

मैंने बाहर की तरफ इशारा किया.

वो चुदने के लिए इतना तड़प रही थी कि वैसे ही बाहर जा कर ढूंढने लगी।

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काफी देर बाद उसका कॉल आया- मिल गए तुम्हारे कपड़े! आ जाओ आंगन में सारे!

हम सब तुरंत गए तो देखा जो कपड़े वो पहने थी, उसका घूँघट बना कर ओढ़ कर बैठी है, बाकी पूरी नंगी थी।

अंजू बिल्कुल नंगी बस घूँघट डाले बैठी थी।

निशा ने फोन कैमरा ऑन कर लिया बोली- इस सुहागरात की विडियो बनाऊंगी।

मैं बिस्तर पर गया और बचे हुए कपड़े भी हटा दिये.

अब हम दोनों नंगे थे।

मैंने अंजू रांड को किस करना शुरू कर दिया जिसमें उसने मेरा पूरा साथ दिया। फिर मैं उसकी चूचियों को मसलने लगा।

वो सिसकारियां लेने लगी- उफ्फ् … इस दिन का कब से इन्तज़ार किया है। मेरी चूत में आग कब से लगी हुई थी. जब इसकी आग शान्त करने के लिए शादी की तो मेरी फूटी किस्मत … मेरा पति मुझसे दूर हो गया। आज मैं एक रांड बनने जा रही हूँ। मेरी आग बुझा दो अपने पानी से!

मैं- अंजू, आज के बाद तुझे कभी तड़पना नहीं पड़ेगा. तू हमेशा चुदती रहेगी. तुम सब को कभी लंड की कमी नहीं होगी। और जैसे ही हम इस गाँव से बाहर निकलेंगे तुम सब आज़ाद हो जाओगी. जब जिससे मन हो उससे चुदने के लिए!

सब एक साथ बोली- क्या सच में?

जिस पर मैंने हामी भरी।

निशा- मैं तो 5 लंड के साथ चुदाई करूँगी।

ज्योति- मैं तो चूत और गांड एक साथ चुदवाऊँगी. बहुत पोर्न में देखा है. मेरा तो जैसे सपना सच होने वाला है।

रज्जो- मैं तो अफ्रीकन लंड लूंगी. सुना है कि बहुत बड़ा होता है और बहुत देर तक चोदता है बिल्कुल हमारे सैयां की तरह!

मालती- मुझे तो बीच के किनारे खुले आसमान के नीचे चुदना है. चाहे कोई भी चोदे. वैसे ये सब नहीं होता तो आज मैं अपने भाई के पास गोवा में होती और ऐसे ही चुद रही होती।

निशा- भाभी, अपने भाई से चुदने की स्टोरी सुनाओ ना!

मालती- वो फिर कभी. अभी अंजू की चुदाई का मजा लेते हैं।

मैं- चिंता ना करो, सब जैसा चाहती हैं, वैसे ही चुदाई होगी। और मालती तुझे भी तेरे भाई का लंड फिर से मिलेगा।

सब खुश हो गई।

यहाँ अंजू मेरा पूरा लंड अपने मुंह में ले कर चूस रही थी।

मैं उसकी चूत चाटने में लगा था।

खुले आसमान के नीचे किसी को चोदने का मजा ही अलग है।

मैंने देर ना करते हुए अंजू को सीधा लिटाया उसकी चूत पर लंड सेट किया और एक धक्का लगाया.

जिससे टॉप अंदर चला गया.

वो चीखने लगी- हाय … मेरी चूत फट गई, जल्दी से पूरा घुसा दो. मैं एक बार में सारे दर्द झेल लूंगी पर धीरे धीरे नहीं।

ये सुन कर मैं तीन चार जोरदार धक्के मारे और पूरा लंड घुसा दिया और जोर जोर से चोदने लगा।

शुरू में तो बस उसकी चीख ही निकल रही थी.

फिर धीरे धीरे उसे भी मजा आने लगा और वो जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी।

काफी देर तक उसे अलग अलग पोजीशन में चोदने के बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया और उसके बगल में लेट गया।

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ज्योति आकर मेरा लंड अपने मुंह से साफ करने लगी और निशा ने चाची की चूत चाट कर साफ कर दी।

मालती- चलो, अब घर के अंदर चलते हैं. रात काफी हो गई है. एक बज गया है, सबको सोना भी तो है।

अंजू- तुम लोग जाओ और सो जाओ. मैं अभी एक बार और चुदाई का मजा लूंगी.

और वह मेरा लंड चाटने लगी।

मैंने एक बार उसकी चूत चोदी और एक बार गाँड मारी.

सुबह 4 बजे हम घर में जाने लगे तो बुआ सामने से आ रही थी।

मैं- बुआ, आप यहाँ क्या कर रही हैं? चुदने आयी क्या?

बुआ- चोदना है तो चोद लो. पर मैं यहाँ ये सब हटाने आयी थी।

हम तीनों ने मिल कर सब कुछ हटाया और घर आकर मैं चाची से लिपट कर सो गया।

सुबह 11 बजे उठा तो दादा जी के पास गया.

उन्होंने मुझसे मेरा अकाउंट डिटेल मांगा.

मैंने दे दिया.

फिर उन्होंने अपनी सारी सेविंग मुझे ट्रांसफर कर दिया जो कई करोड़ थे।

फिर पूरे दिन चुदाई चलती रही।

अगले दिन वकील आए और सारी प्रॉपर्टी मेरे नाम हो गई थी.

मैंने सब बेचने को बोल दिया.

5 दिन में सब कुछ बेच कर मेरे अकाउंट में पैसे आ गए।

हवेली ही बची थी अब बस!

दादा जी जैसे सब कुछ मेरे नाम करने को ही रुके थे.

अगली सुबह जब हम उठे तो दादा जी नहीं रहे थे।

उनका काम क्रिया सब खत्म किया।

उन 13 दिन में हम में से किसी ने भी चुदाई का सोचा भी नहीं।

उसके बाद मैं सब को ले कर मुंबई आ गया।

मगर आते टाइम हमने बहुत मस्ती की।

तो दोस्तो, कैसा लगा अब तक का किस्सा? क्रेजी सेक्स कहानी पर अपनी राय जरूर बतायें.

आगे का किस्सा अगली स्टोरी में होगा.

तब तक के लिए बाय बाय।

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