चाचा और चाची के साथ मिल के मजे किये - Had fun with uncle and aunt

चाचा और चाची के साथ मिल के मजे किये


Ansuni Kahaniyan || अनसुनी कहानियां


दोस्तो, मेरा नाम राजा है. ये चाची की चूत की चुदाई कहानी मेरी, चाची और चाचा के बीच की है. मैं अपनी ट्रेनिंग के सिलसिले में चाचा जी के साथ आकर रहने लगा था. पहले मैं आपको अपनी चाची के बारे में बता देता हूँ. मेरी चाची की उम्र 43 साल है और वो बहुत सेक्सी हैं. मेरी चाची रात में जब पारदर्शी नाइटी पहनती हैं, तो उन्हें देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता है. उनके बूब्स भी बहुत सेक्सी हैं. मैंने बहुत बार इस तरह की पारदर्शी नाइटी में देखा है. वो मुनमुन सेन सी लगती हैं.


उनकी एक लड़की है जिससे मेरी खूब बनती है. हम दोनों सेक्स के टॉपिक पर खुल कर खूब बात करते हैं. हालांकि वो सिटी से बाहर जॉब करती है तो वो बाहर ही रहती है.


रात में चाचा चाची अपने कमरे में घुस कर बिंदास चुदाई करते हैं. उनकी चुदाई की आवाजें कमरे के बाहर सबको सुनाई देती हैं लेकिन वो दोनों इस बात की जरा भी फ़िक्र नहीं करते हैं.


चूंकि अब घर में मैं ही तीसरा सदस्य था तो मैं उन दोनों की चुदाई की आवाजों का लुत्फ़ लेता था. मुझे उस समय उनकी इस बिंदास चुदाई का मतलब समझ नहीं आया था. वो मुझे बाद में मालूम चला था.

जब ये बात मैंने अपनी चाची की बेटी को बताई, तो वो भी हंसने लगी.


इसका मतलब ये था कि अपनी मम्मी की चुदाई की इस आदत का उसको भी पता था.


अब मैं ही घर में था, तो उन दोनों के रास रंग देखता रहता था.


एक दिन मैंने देखा कि चाची जी किचन में थीं और मेरे चाचा जी अन्दर घुस गए. मैंने देखा कि चाचा जी तो इतने बड़े वाले ठरकी हैं कि वो चाची को किचन में आकर भी चोद देते हैं.


मेरी चाची अक्सर सोने से पहले अपनी चड्डी ब्रा बाथरूम में टांग देती हैं और मैं उसको अपने कमरे में लाकर रात में मुठ मारता रहता हूँ और चाची की पैंटी को चूत वाली जगह से चाट भी लेता हूँ.


मुझे बहुत मन होता है कि मैं अपनी चाची के साथ सेक्स करूं.


ये बात उन गर्मियों के मौसम की है जब मैं, मेरी चाची चाचा और उनकी बेटी किसी रिश्तेदार की शादी में 3-4 दिन के लिए गांव गए हुए थे. उस वजह से चाचा जी को चुदाई करना नहीं मिल पाया था.


जब हम सब लोग वापस अपने शहर आ गए तो मैंने देखा कि मेरे कमरे का एसी काम नहीं कर रहा था.

उस रात ज्यादा गर्मी थी तो उस वजह से हम सब चाचा जी के ही रूम में सो गए.


बिस्तर पर पहले चाचा, फिर चाची लेट गईं और उनकी बेटी में साइड में सोफे में सो गई.


रात के एक बजे के करीब मेरी नींद खुली तो मैं बाथरूम से आकर सो गया. मुझे नींद नहीं आ रही थी.

मैंने देखा कि चाचा चाची के बीच कुछ हलचल होने लगी थी. मैं पहले तो बस यूं ही देखता रहा.


एसी की एलईडी की हल्की रोशनी कमरे में उजाला सा कर रही थी. मुझे कुछ कुछ समझ आ रहा था.


मैंने देखा कि चाचा ने चाची की जांघ के ऊपर हाथ रखा और चाची के गाउन को ऊपर कर दिया.


फिर धीरे से चाचा जी ने चाची की गांड के पास से गाउन उठाया.

चाचा को लग रहा था कि उनकी बेटी और मैं सो रहे हैं लेकिन मैं जाग रहा था.


फिर चाचा ने गाउन को ऊपर किया तो चाची की पैंटी दिखने लगी.


मैं तो देख कर चकित रह गया कि चाची ने थोंग चड्डी पहनी हुई थी जो उनकी गांड की दरार में फंसी हुई बड़ी ही मादक लग रही थी.


चाची ने अपनी चड्डी को उतार दिया. तब तक चाचा का लंड उनकी चड्डी में से एकदम खड़ा हो गया था.


चाची ने चाचा का लंड बाहर निकाला. उनका लंड एकदम कड़ा हो गया था. ऐसा लग रहा था कि लंड चाची की चुत का प्यासा हो गया था. इतने में चाची ने अपनी बेटी की तरफ देखा, फिर मेरी तरफ़ देखा कि हम दोनों जाग तो नहीं रहे हैं. उन्होंने चादर को अपने पैर के ऊपर लिया और पीछे से खुला ही रखा. तभी चाचा जी ने चाची की चूत में उंगली डाल दी और चाची ने चाचा के लंड को पकड़ लिया. अपने एक हाथ से चाचा जी ने चाची की चड्डी को जांघों के नीचे सरका दिया और चाची के गाउन को पेट के ऊपर कर दिया. चाची की चुत एकदम गोरी थी, अन्दर से एकदम गुलाबी दिख रही थी.

मुझे तो ऐसा लग रहा था कि अभी ही चाची के पास जाकर उनकी चूत चाट लूं. फिर चाचा जी ने चाची को अपने पास खींचा और उन्हें पलट कर चाची का मुँह उनकी बेटी की तरफ़ कर दिया और पीछे से लंड पेल दिया. उन दोनों की इसी पोजीशन में चुदाई होने लगी.


दस मिनट तक उन दोनों ऐसे ही चुदाई की और चाचा जी अपना माल चाची की चूत में निकाल दिया. वो झड़ कर पीछे हट गए.


मैंने देखा कि चाची कुछ गुस्सा हो गई थीं, शायद वो झड़ी नहीं थीं और चाचा जी ने उन्हें प्यासा छोड़ दिया था.


चाची एक मिनट तक चाचा को गुस्से से देखती रहीं. फिर अपनी चड्डी ऊपर करके वो बाथरूम में चली गईं और चूत को साफ करके अपनी चड्डी ब्रा को उतार कर बाथरूम से वापस आ गईं.


वो बाथरूम से आकर चाचा को देखने लगीं. चाचा जी थक कर आंख बंद करके लेट गए थे. चाची जी मुँह बनाए हुए उनके बाजू में सो गईं. यह नजारा देख कर मेरा हाल खराब हो रहा था. मैं सोच रहा था कि काश चाचा की जगह मैं होता, तो अभी चाची को चोद कर ठंडी कर देता.


तभी चाचा जी की आंख खुल गई और वो फिर से चाची जी के मम्मों को अपने मुँह में दबा कर चूसने लगे. कुछ मिनट बाद चाचा जी फिर से सो गए.

फिर अगले दिन मेरे कमरे का एसी सही हो गया. उस दिन शाम को मैं और मेरी चाची की बेटी मिलकर छत पर मस्ती कर रहे थे.


मैंने उससे कहा- रात को मैंने चाची चाचा को सेक्स करते हुए देखा था.

वो पूछने लगी- अरे वाह … क्या क्या और कैसे हुआ था?


मैंने उसे सारी स्टोरी बता दी.


वो बोली- यार, मैंने भी उन दोनों को बहुत बार चुदाई करते हुए देखा है. एक दिन तो मुझे बेड में पापा का यूज्ड कंडोम भी मिल गया था.


उसने मुझे एक बात और भी बताई कि चाची चाचा को अपनी चुदाई में तीसरा पर्सन भी चाहिए.

बहुत बार चाची अपने घर में पीजी में रहने वाली लड़की को फंसा कर चाचा जी के पास लाती हैं और चाचा उसके साथ सेक्स करते हैं.


फिर लगभग 5 दिन बाद मेरी चाची की बेटी भी अपनी जॉब पर वापस चली गई.


मैं अपने ट्रेनिंग सेंटर चला गया था.


जब मैं घर वापस आया तो देखा कि दरवाजा खुला है, केवल जाली वाला दरवाजा लगा है.

मैंने हल्का सा धक्का देकर खोलने की कोशिश की तो वो खुल गया.

चाचा चाची को इस बात का पता नहीं चला.

मैं अन्दर आया और देखा कि चाचा के रूम का दरवाजा जरा खुला सा था.


मैंने झांक कर अन्दर देखा तो चाचा चाची अपने बेड में नंगे लेटे हुए थे.


चाची बड़ी ही सेक्सी लग रही थीं. उनके जिस्म पर कपड़े की एक धजी भी नहीं थी. उनके हाथ की चूड़ियां आवाज कर रही थीं.


आज दिन की रोशनी में मेरी चाची बहुत ही गोरी दिखाई दे रही थीं.

वो अपने एक हाथ से चाचा जी के लंड को सहला रही थीं और चाचा जी ने चाची की चुत में उंगली डाल रखी थी.


ये नजारा देख कर मेरी आंखें खुली की खुली रह गईं लेकिन मेरे आने की आहट शायद उन्हें मिल गई थी.


चाची जी ने आवाज लगाई- कौन है?


मैं जल्दी से दूर हुआ और अपने आने की बात कह कर अपने रूम में जाने लगा.


तभी चाची ने जल्दी से अपना गाउन पहना और बाहर आ गईं.


मैं कमरे की जगह किचन में चला गया था ताकि उनको पता न चले कि मैंने सारा सीन देख लिया है.


फिर मैं बाथरूम में चला गया और सीन याद करके मुठ मारने लगा.


उस दिन मैं चाची को याद कर रहा था कि काश मुझे चाची की चूत चोदने मिल जाती और मैं उन्हें चोद लेता.


फिर रात में हम सब खाना खाकर सो गए.

मैं अपने कमरे में आकर सो गया और चाची चाचा अपने रूम में.


रात में मुझे एसी में ठंड सी लगी तो मैं कंबल लेने के लिए चाची के रूम में आ गया.

उनके रूम का दरवाजा जैसे ही मैंने खोला तो देखता ही रह गया.

मेरी चाची बेड में नंगी कुतिया बनी हुई थीं और चाचा जी चाची की गांड मार रहे थे.


मेरी चाची की चड्डी ब्रा और गाउन सब ज़मीन में पड़े हुए थे.


मैं ये जताते हुए उनके रूम में घुस गया कि मैंने अन्दर आने से पहले देखा ही नहीं था.


मुझे देखते ही वो दोनों हट गए और चाची ने चादर ढक ली.


मैं बोला- आप लोग करो … मैं तो बस कम्बल लेने आया था.

और मैं हंसता हुआ रूम से बाहर निकल गया.


मुझे हंसता देख कर मेरे चाचा ने आवाज़ लगाई- राजा रूम में आना!


मैं फिर से रूम में गया तो चाची चादर के अन्दर थीं और चाचा जी ने चड्डी पहन ली थी.


चाचा ने मुझसे कहा- तुझे ऐसा देख कर कोई दिक्कत तो नहीं हुई?


मैंने उनके मुँह से ऐसा सुन कर जरा शर्माने का नाटक किया.


चाचा ने लंड सहलाते हुए कहा- मैं तेरी चाची को बहुत प्यार करता हूँ, इसी लिए अभी तक उनके साथ सेक्स करता हूँ. यदि तू ये सब हमारी बेटी को नहीं बताएगा तो तेरे लिए एक गिफ्ट है.

मैंने कहा- क्या है?


चाचा बोले- तुझे अपनी चाची कैसी लगती है?

मैंने कहा- अच्छी.


चाचा ने कहा- और मैं अच्छा नहीं लगता तुझे?

मैंने कहा- आप भी अच्छे लगते हो.


तो चाचा ने कहा- चल आ जा, आज तू भी हम लोगों के साथ सेक्स का मजा ले ले. तुम, मैं और तेरी चाची एक साथ सेक्स का मजा लेते हैं.

मुझे तो चाचा जी की बात सुन कर विश्वास ही नहीं हो रहा था.

तभी चाची जी ने भी कहा- हां आ जा राजा, तू भी हमारे साथ एन्जॉय कर ले.


एक मिनट सोचने के बाद मैंने कपड़े उतारे और बेड में चला गया.


मैं चाची चाचा के बीच में आ गया.


चाची जी मेरे लंड को सहलाने लगीं और लंड खड़ा करने लगीं. चाचा मेरे एक हाथ को अपने लंड पर रखवा कर लंड हिलवाने लगे.


चाचा जी कहने लगे- आज हम थ्रीसम सेक्स करेंगे.


मैंने मजा लेना शुरू कर दिया, मैं अपने मुँह से चाची के एक निप्पल को चूसने लगा.

चाची जी अपना दूध मुझे पिलाने लगीं तो मैं उनकी चुत में उंगली करने लगा.


हम तीनों को बहुत मजा आ रहा था.


कुछ ही देर में सेक्स की मस्ती बढ़ गई और मेरी चाची जी अपनी टांगें फैला कर चित लेट गईं.

मैं चाची की टांगों के बीच में आकर उनकी चुत चाटने लगा. मैं अपनी जीभ से अपनी चाची की झांट रहित गोरी चूत को चाटने लगा.


लगभग दस मिनट में चाची पूरी तरह से गर्म हो गई थीं.


चाची की चुत से जो पानी निकल रहा था उसमें चाची की पेशाब भी मिल रही थी.

मुझे एकदम नमकीन जूस जैसा स्वाद लग रहा था.


फिर मैं और चाची जी 69 की पोजीशन में आ गए.

अब चाची मेरा लंड चूस रही थीं और मैं चाची की चुत चाट रहा था.


चाचा जी साइड में लेट कर हम दोनों का सेक्स गेम देख रहे थे.


फिर चाचा जी बोले- राजा अब सेक्स करो … अपनी चाची की चुत में लंड पेल दो.


मैंने चाची की टांगें चुदाई की पोजीशन में खोलीं और अपना लंड डाल दिया.

लंड लेते ही चाची की मादक आवाज निकल गई और मैं लंड चूत में पेल कर आगे पीछे करने लगा.

फिर चाचा जी मेरे ऊपर चढ़ गए और मेरी गांड के छेद में अपना लंड रगड़ने लगे.

मेरे आगे पीछे होने से चाचा का लंड मेरी गांड से लड़ रहा था.


मैंने समझ लिया कि चाचा जी का मूड कुछ और ही है. मैंने चाची की चूत से लंड बाहर निकाला और हम तीनों खड़े हो गए.


खड़े होकर मैंने चाची की एक टांग उठाई और उनकी चुत में लंड डाल दिया.

चाचा ने पीछे से आकर चाची की गांड में लंड पेल दिया.


चाची को डबल लंड का मजा आ रहा था. चाची ‘आ ऑश …’ कर रही थीं और बोल रही थीं- आंह राजा … आज तो तेरी वजह से मेरे दोनों छेदों को एक साथ डबल मजा मिल गया.


फिर कुछ देर बाद चाची घोड़ी बन गईं और चाचा जी के लंड को मुँह में लेने लगीं.

मैं डॉगी स्टाइल में चाची की गांड मार रहा था.


ऐसे ही 15 मिनट तक चाची की गांड मारने के बाद मैंने देखा कि चाचा ने अपना माल चाची के मुँह में निकाल दिया और अलग हो गए.


चाचा बोले- अब तुम दोनों मजा लो.

वे कमरे से बाहर निकल कर हॉल में सोफे पर जाकर लेट गए.


अब मैं और चाची ही चुदाई का मजा ले रहे थे. हम दोनों जानवर बन गए थे.


मैंने चाची जी कहा- मेरा मन आपको किचन में चोदने का कर रहा है.

वो बोलीं- हां उधर ही चलते हैं.


हम दोनों रसोई में आ गए.


मैंने चाची को प्लॅटफॉर्म पर बिठा दिया और चाची की टांगें खोल कर उनकी चुत में लंड पेल दिया.


मैंने उधर चाची के साथ हचक कर सेक्स किया.

फिर झड़ने को हुआ तो मैंने चाची के मुँह में लंड दे दिया.

चाची ने लंड चूस कर रस खा लिया.


मैं नशे से चाची को देख रहा था.

चाची भी शायद अभी एक पारी और खेलने के मूड में थीं.


उन्होंने फ्रिज से केक निकाला और मुझे दिखाया.

मैं समझ गया कि क्या करना है.


मैंने उनसे केक लेकर चाची के मम्मों पर मल दिया, उनकी चुत और गांड में केक लगा दिया.

फिर चाची जी की गांड को चाटा, तो केक चाट कर मुझे बहुत मजा आया. फिर चुत चाटी और मम्मों से पूरा केक चाट कर साफ़ कर दिया.


इसके बाद चाची ने मेरे लंड में केक लगाया और लंड चाटने लगीं.

केक के साथ मेरा एक बार फिर से माल निकल गया और चाची के मुँह में निकल गया.


फिर हम दोनों ने पानी पिया और हॉल में आ गए.


सोफे पर चाचा सोए हुए थे. उनके एक साइड में चाची लेट गईं और मैं चाची के ऊपर लेट गया.


फिर कुछ देर बाद हम लोगों का बाथरूम में सेक्स करने का प्लान बना.


हम तीनों बाथरूम में चले गए और शॉवर खोलकर गीले होने लगे.


चाची खड़ी हुईं तो फिर से चाचा ने उनकी चूत में लंड पेल दिया.

मैं चाची की चुत में उंगली करने लगा.

चाची की चूत में लंड और उंगली एक साथ चलने लगे थे.


चाचा बोले- राजा, तू अपनी चाची की गांड में अपने लंड को रगड़ कर पेल दे.

मैंने चाची की गांड में लंड पेल दिया.

एक बार फिर से चाची की सैंडविच चुदाई होने लगी.


कुछ दस मिनट बाद हम दोनों मर्दों ने चाची के मुँह में एक साथ लंड डाल दिए और चाची ने हम दोनों के लंड को चूस कर रस पी लिया.


चुदाई के बाद हम तीनों मस्ती भरी बातें करने लगे.


चाची चाचा कहने लगे- इसके पहले हम दोनों को इतना मज़ा कभी नहीं आया था, जितना आज आया.


अब चाचा जी ने चाची से कहा- कुछ पिलाओ यार, बड़ी थकान हो रही है.

चाची जी व्हिस्की की बोतल ले आईं और हम तीनों ने दो दो पैग लेकर फिर से चुदाई का मन बना लिया.


इस बार मैंने अकेले ही चाची की गांड में लंड डाला और उनकी गांड मारने लगा.


फिर चाची ने कहा- राजा, तुम मेरी चूत में लंड डालो और पीछे से तेरे चाचा मेरी गांड में लंड पेल कर मुझे चोदें.


मैं मान गया.

मुझे उन दोनों की स्कीम समझ नहीं आ सकी थी. मैं चाची की चूत में लंड डालकर उन्हें चोद रहा था.


तभी चाचा जी अपना लंड मेरी गांड में पेल दिया.

मेरी जोर से आंह निकल गई मगर उन दोनों ने मुझे पकड़ रखा था तो मैं कुछ नहीं कर सका.


कुछ देर बाद मुझे अपने लंड से चाची की चूत की चुदाई का मजा मिलने लगा और मेरी गांड को चाचा जी के लंड का मजा आने लगा.


इस तरह से हम तीनों ने एक दूसरे की गांड मारी और सो गए.


सुबह में चाचा जी अपनी जॉब पर चले गए और चाची घर के कामों में लग गईं.

मैं अभी भी बेडरूम के अन्दर नंगा सोया पड़ा था. मैं सोकर उठा तो बाहर आ गया.

मैंने देखा कि चाची किचन में थीं. मैंने उन्हें गुड मॉर्निंग बोला.


चाची ने गुड मॉर्निंग के साथ प्यारी सी स्माइल दी और बोलीं- उठ गया मेरा राजा.

मैं पीछे से चाची की गांड पर हाथ फेरते हुए उनसे चिपक गया और अपनी चाची को पीछे से हग करके बोला- हां मेरी प्यारी चाची.


मैंने अपने लंड को उनकी गांड में रगड़ कर पीछे से उनके गाल पर किस किया.


मेरी चाची केवल गाउन में थीं और मेरे लिए नाश्ता बना रही थीं.


मैंने पूछा- चाचा जी कहां हैं?

तो वो बोलीं- ड्यूटी पर गए हैं, दो बजे तक आएंगे.


मैंने कहा- तब तक हम दोनों ही मस्ती करते हैं.

वो हंस दीं.


फिर मैंने चाची के गाउन नीचे से उठाया और देखा तो चाची ने वी-शेप वाली चड्डी पहनी हुई थी.


मैंने पीछे से चाची की चड्डी के ऊपर से गांड चाटनी शुरू की.


तो चाची बोलीं- पहले फ्रेश तो हो जा … जा, जाकर नहा ले.

मैंने बोला- मेरी जान आज तो मैं आपके साथ ही नहाऊंगा.


मैंने चाची जी का गाउन उतार दिया.

चाची ने ब्रा नहीं पहनी थी. अब चाची चड्डी में रह गई थीं.


मैंने चाची जी की चड्डी भी उतार दी.

अब चाची जी नंगी ही रह कर मेरे लिए नाश्ता बना रही थीं.


मैंने भी अपने बॉक्सर को उतारा और चाची के साथ मस्ती करने लगा.

कुछ देर में नाश्ता रेडी हो गया तो मैंने उन्हें गोदी में उठाया और बाथरूम में ले गया.

फिर शॉवर के नीचे खड़ी करके मैं बैठ गया और उनकी एक टांग को अपने कंधे पर रख कर उनकी चुत को चाटना शुरू कर दिया.


कुछ मिनट तक चूत चाटने के बाद चाची का पानी निकलने लगा तो मैंने खड़े होकर फव्वारे के नीचे ही उनकी चुत में लंड पेल दिया.


मैंने दस मिनट तक चाची को हचक कर चोदा और उनकी चूत में लंड का पानी निकाल दिया.

चाची मस्त हो गई थीं.

उसके बाद से हम तीनों रोज रात को थ्री-सम चुदाई का मजा लेने लगे.

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