पड़ोस में रहने वाले लड़के की गांड मारी

 पड़ोस में रहने वाले लड़के की गांड मारी

Ansuni Kahaniyan || अनसुनी कहानियां



गे सेक्स कहानी उन दिनों की है जब मैं कॉलेज के लास्ट ईयर मैं था तब मैंने पड़ोस के एक लड़के के साथ मेरी जिंदगी का पहला चुदाई का खेल खेला था।


दोस्तो, मेरा नाम मयूर है और मैं गुजरात का रहने वाला हूं.

मेरी उम्र 21 साल है व मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है.


मैं काफी हैंडसम लड़का हूँ और सालों से जिम करता आ रहा हूँ.

मेरा उभरा हुआ सीना, मोटे मोटे डोले हैं.

गांडू लड़कों और चुदासी लड़कियों को मेरी बॉडी बहुत अच्छी लगती है.


मैं आपको मेरा पहला गे सेक्स बताने जा रहा हूं जो मैंने अपने पड़ोस में रहने वाले लड़के रोहित के साथ किया था.


यह गे सेक्स कहानी उन दिनों की है, जब मैं कॉलेज के लास्ट ईयर में था.

उस वक्त मैंने अपनी जिंदगी का पहला गांड चुदाई का खेल खेला था.

मैं स्कूल में पढ़ता था तो मुझे इन बातों का और ऐसी चीजों का कोई शौक नहीं था, पढ़ने में मैं सबसे अव्वल था, हमेशा स्कूल में फर्स्ट आता था.

मैं सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देता था.


जब मैं कॉलेज जाने लगा तो एक लड़का जो मेरे साथ कॉलेज में था, वह एक दिन मोबाइल पर गे सेक्स वीडियो देख रहा था.

मैंने कहा- यार ये क्या देख रहा है, ऐसा थोड़ी होता है!

पर उसने मुझे कहा- नहीं यार, ये सब सच में होता है.


उसने मुझे समझाया कि जैसे लड़का और लड़की सेक्स करते हैं, इसी तरह दो लड़के भी आपस में सेक्स करते हैं.

उसने मुझे मोबाइल में काफी गे सेक्स वीडियो दिखाये.


मैं कॉलेज से घर आ गया.

घर आकर मैने मोबाइल में गे सेक्स के बारे में काफी कुछ जाना और xxx gay video देखकर अपने लौड़े को हिलाने लगा.

अगले दिन मैंने ठान लिया कि कुछ भी हो जाए, साला गे सेक्स तो करना ही है.

पर करें किससे … यही सब सोच सोच कर मैंने उस दिन की कॉलेज की पूरी क्लास खत्म की.


मैं क्लास में यह सोचता रहा कि कुछ भी हो जाए, साला सेक्स तो करके रहेंगे.

मैं कॉलेज से घर आ गया.


घर आकर मैंने खाना खाया और अपने कमरे में जाकर गे सेक्स वीडियो देखने लगा.

फिर हाथ चला कर सो गया.


जब मैं उठा, तब तक शाम हो चुकी थी.

मैं टहलने के लिए बाहर कॉलोनी में आ गया.

मुझे क्या पता था कि ऊपर वाला मेरी इतनी जल्दी सुन लेगा.

उसी वक्त रोहित मेरे पास आया और बोला- भैया, मेरी 12वीं क्लास के बोर्ड एग्जाम अगले महीने शुरू होने वाले हैं तो मुझे आप थोड़ा पढ़ा दो ताकि मेरे अच्छे नंबर आ जाएं.

इतना सुनते ही मेरे मन में लड्डू फूटा कि क्यों ना पहला गे सेक्स रोहित के साथ किया जाए.

मैंने उसको बोला- ठीक है, मैं पढ़ा दूंगा. तुम मेरे घर आ जाना.


वह समय के लिए पूछने लगा.

तो मैंने कहा- मुझे यार ज्यादा टाइम नहीं मिलता है, तो मैं तुझे 2 घंटे ही पढ़ा सकता हूं.

वह बोला- ठीक है भैया, आप मुझे 2 घंटे पढ़ा देना. मैं रात को 9:00 बजे आ जाउंगा, तब तक मैं आपसे अकेले में पढ़ लूंगा.


इतना कहकर वह घर चला गया और मैं भी घर पर आ गया.

वह दिखने में एकदम मस्त माल था.


मैंने घर पर आकर उसके नाम की मुठ मारी और थोड़ी देर बाद पढ़ने बैठ गया.

मेरा मन नहीं लगा तो मैंने एक न्यूड मूवी देख ली.

इतने में 9:00 बज चुके थे.


मैं बार-बार घड़ी भी देख रहा था क्योंकि राहित ने मुझे 9:00 बजे का टाइम दिया था.

तभी वह आया मैंने गेट खोला और उसको अन्दर आने के लिए बोला.


उसने अन्दर आकर के मेरे मम्मी पापा को नमस्ते कहा और मैं रोहित को अपने रूम में लेकर चला गया.

मैंने मम्मी पापा को पहले ही बता दिया था कि रोहित मेरे पास पढ़ने आएगा.


मैं रोहित को कमरे में चल कर बैठने के लिए कहा और एक जग में पानी लेकर आ गया.

मैंने उससे पानी के लिए पूछा, तो उसने पानी पिया.

अब मैंने उससे कहा कि चल आ जा रोहित, अपना स्कूल बैग उठा कर मेरे पास बैठ जा.

वह मेरे पास आकर बैठ गया.


मैंने उसकी बुक्स देखी और जो उसके डाउट थे, वे क्लियर कर दिए.

लेकिन रोहित को एक सवाल समझ में नहीं आ रहा था जो गणित का था.


मैंने उसको समझाने के बहाने रोहित के कंधे के ऊपर से हाथ डाला और उसकी गोद में पड़ी बुक पर उंगली रख कर उसे समझाने लगा.

मेरा हाथ हल्का हल्का उसके लौड़े को टच कर रहा था तो मैंने धीरे से उसका लंड दबा दिया.

उसका रोहित ने कोई विरोध नहीं किया.

जिस कारण मेरा कॉन्फिडेंस सातवें आसमान पर पहुंच गया.


मैंने रोहित की पुस्तक बंद कर दी और कहा कि आज इतना काफी है.


उसके बाद मैंने धीरे से रोहित के लौड़े को पकड़ लिया और सहलाने लगा.

उसी वक्त मैंने मोबाइल पर गे सेक्स वीडियो चालू किया तो रोहित उस वीडियो को ध्यान से देखने लगा और उसका चेहरा बता रहा था कि वे गे सेक्स देख कर गर्म हो रहा था.


मैं धीरे धीरे उसके लौड़े को हिलाने लगा.

वह भी मेरे लौड़े को पैंट के ऊपर से ही हिलाने लगा.


कुछ देर बाद वह मेरे हाथ में झड़ गया और ढीला पड़ गया.

बाद में वह अपने घर चला गया.


अगले दो दिन तक वह नहीं आया तो मुझे लगा कि उसे मेरी ये हरकत पसंद नहीं आई होगी.

इसलिए मैं उसे देखने के लिए उसके घर गया.

तो पता चला कि वह दो दिन से शादी में गया है और कल वापस लौटेगा.

यह सुनकर खुशी हुई कि चलो अभी लौंडा हाथ से नहीं निकला है.

मैं वापस अपने घर चला आया.


मैंने खाना खाया और अपने कमरे में जाकर गे सेक्स वीडियो देख कर लौड़ा हिलाने लगा.


कुछ देर बाद मैंने रस झाड़ दिया और सो गया.

अगले दिन रोहित आ गया और उसने सामने से आकर कहा कि मैं आज आपके पास पढ़ने के लिए आऊंगा.

मैंने कहा- ठीक है.


मैं उसका इंतजार कर रहा था, उतने में मम्मी ने कहा कि मयूर हमें तीन दिन के लिए गांव में शादी में जाना है तो तुम अपनी पैकिंग कर लेना.

यह बात सुनकर मेरे सारे अरमानों पर पानी फिर गया, पर मेरी वासना ने मुझे कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया.


मेरे दिमाग में एक विचार आया.

मैंने मम्मी से कहा- मुझे ऑनलाइन एग्जाम देना है इसलिए मैं नहीं आ सकता.


मम्मी ने कहा- ठीक है, फिर तीन दिन तक तुम रोहित के घर जाकर खाना खा लेना और रात को रोहित को अपने घर ही सोने की कह देना. मैं उसकी मम्मी को बता दूँगी.

मैंने कहा- ठीक है.


मेरी खुशी का कोई ठिकाना न रहा.

मैंने रोहित को भी यह बात बताई तो वह भी खुश हो गया.


अब हमारे पास तीन दिन थे.

उस रात मैंने ओर रोहित ने कुछ नहीं किया … बस ऊपर ऊपर से मस्ती की और उसे घर भेज कर खुद सो गया.


अगले दिन सुबह मेरे परिवार के लोग गांव चले गए और मैं घर में अकेला रह गया था.

कुछ देर के बाद मैं कॉलेज चला गया.


उधर मैंने अपने एक दोस्त से गे सेक्स के बारे में जानकारी प्राप्त की.

तो मुझे पता चल गया था कि रोहित को दर्द होगा, इसलिए मैं मेडिकल स्टोर से अपने लिए कंडोम, सेक्स की गोली और उसकी गांड को दर्द से मुक्त रखने के लिए एक स्प्रे ले लिया.


रोहित के लिए कुछ दर्दनाक गोलियां खरीद लीं, फिर मैं घर पर आ गया.

दिन में मैंने रोहित के घर जाकर खाना खाया और हम दोनों साथ में मेरे घर पर आ गए.


घर आते ही मैंने दरवाजा बंद कर दिया और हमारा खेल अब शुरू हो गया.

रोहित मेरी तरफ देखे जा रहा था.


मैंने एक हाथ से उसके बाल पकड़ कर उसकी गर्दन को पीछे करके अपने होंठ उसके रसीले होंठों पर रख दिए.

उसने मेरा साथ नहीं दिया लेकिन मैं कहां मानने वाला था.


मैंने उसकी गर्दन को चूमना चालू कर दिया और उसके लौड़े को जोर-जोर से दबाने लगा.


कुछ देर बाद मैंने दोबारा से अपने होंठ रोहित के होंठों से चिपका लिए और उनका रसपान करने लगा.

अब रोहित मस्त हो चुका था और वह अब मेरा साथ भी दे रहा था.

कभी वह मेरी जीभ को चूस रहा था, कभी मैं उसकी जीभ को चूस रहा था.


ऐसे ही दस मिनट के बाद मैं उसे अपने कमरे में ले गया और दरवाजा लॉक कर दिया.

दरवाजे तक आते आते मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए थे और रोहित को एकदम नंगा कर दिया.


फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और में सिर्फ अंडरवियर में था.

तब मैंने देखा कि उसका लौड़ा खड़ा हो गया था और उसमें से चिपचिपा पानी निकल रहा था.


मैंने मौके का फायदा उठाया और झट से अपनी अंडरवियर उतार दी.

मेरा नाग फड़फड़ा कर फन ताने बाहर आ गया था.


रोहित मेरे लौड़े को देखता ही रह गया क्योंकि मेरे लंड की लंबाई 7 इंच की है जो किसी के भी आंसू निकाल सकता है.


उसने इतना बड़ा लंड पहले नहीं देखा था.

मैंने बिना देर किए उसके लौड़े को अपने मुँह में ले लिया और पूरा पानी मजे से पी गया, फिर चूस चूस कर उसके लौड़े को मैंने लाल कर दिया.

रोहित अब तक सातवें आसमान पर पहुंच चुका था और उसके कंठ से हल्की हल्की कामुक सिसकारियां निकल रही थीं.

उसने मेरी तरफ वासना से देखा और अपने हाथ से लंड चूसने का इशारा किया.


अब हम दोनों 69 पोजीशन में आ गए.


मैंने अपना औजार रोहित के मुँह की भट्टी में दे दिया और उसके मुँह को चोदने लगा.

रोहित लंड चूसने में एक्सपर्ट लग रहा था.


उसने मेरा औजार 15 मिनट तक चूसा और मैं झड़ गया.

रोहित ने मेरा सारा पानी पी लिया.


झड़ने के बाद मैं रोहित के बगल में नंगा ही लेट गया.

कुछ देर बाद रोहित मेरे लौड़े से खेलने लगा और अपने हाथों से हिलाने लगा मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था, तो हम दोनों फिर से 69 की पोजीशन में आ गए.


रोहित मेरे लौड़े को मुँह में लेकर चूसने लगा और मैं उसकी गांड में धीरे धीरे उंगली करने लगा.

उसके बाद धीरे-धीरे अपनी एक उंगली उसकी गांड में घुसाकर उसे उंगली से ही चोदने लगा.

वह भी आहें भरने लगा.

धीरे-धीरे मैंने अपनी दूसरी उंगली भी डाल दी.


इससे वह और ज्यादा तड़पने लगा और निकालो निकालो कहने लगा.

मैंने उसकी गांड में से उंगलियां निकाल लीं.


अब मैंने अपने लौड़े से उसके मुँह को चोदने लगा.

कुछ मिनट बाद मैं उसके मुँह में ही फिर से झड़ गया.

वह पुनः मेरा पानी पी गया.


उसके बाद हम नंगे ही सो गए.

एक घंटा सोकर उठने के बाद वह अपने घर चला गया.


मैंने उसके जाने के बाद सेक्स की गोली खा ली.

आज की रात को मैं यादगार रात बनाना चाहता था.


शाम को वह खाना मेरे घर पर ही ले आया.

वह खाना लेकर आया तब तक गोली अपना काम करने लगी थी.

मेरे अन्दर वासना का ज्वार उमड़ पड़ा था. रोहित के आते ही मैंने घर का दरवाजा बंद कर दिया.


रोहित को एकदम नंगा करके मैं भी नंगा हो गया और हम दोनों बाथरूम में जाकर साथ में नहाने लगे.

नहाने के बाद रोहित ने मेरे शरीर को तौलिया से पौंछा … मैंने भी उसके शरीर को पौंछा.


हम दोनों नंगे ही खाना खाने लगे.


खाना खाने के बाद मैं रोहित को उठा कर अपने कमरे में ले गया.

वहां उसे बैड पर पटक दिया और खुद रोहित के ऊपर चढ़ गया.


कुछ देर बाद मैंने अपने लौड़े पर कंडोम चढ़ा लिया और रोहित की गांड में सुन्न कर देने वाला स्प्रे लगा दिया.

इससे उसको दर्द का अहसास नहीं होने वाला था.

मैंने बिना देर किए उसकी दोनों टांग मेरे कंधे पर रखकर उसकी दोनों टांगों के बीच में आकर अपना लंड उसकी गांड पर सैट कर दिया.

फिर मैंने समय न देते हुए अपने लंड का टोपा जोर से दबाकर उसकी गांड में घुसा दिया.

जिससे वह घायलों की तरह कराहने लगा और मेरे सीने पर नाखून लगा दिए.


उसको दर्द होने लगा था.

शायद स्प्रे ने अभी पूरा असर नहीं किया था.


मैंने सोचा कि मां चुदाए, अब तो लौड़े को पेल ही दिया है.

यही सोच कर मैंने फिर से एक जोरदार धक्का लगा दिया.


मेरा लंड अन्दर चला गया और उसके मुँह से चीख निकल पड़ी.

मैंने उसके मुँह में हाथ रख कर बंद कर दिया और फिर से एक झटका दे दिया.


मेरा आधा लौड़ा उसकी टाइट गांड को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया.

ऐसे में उसकी आंखों में आंसू आ गए.


वह छटपटाने लगा और मुझसे छूटने की कोशिश करने लगा.

मैंने उसे खुद से छूटने ही नहीं दिया और पुनः एक जोरदार धक्का लगा कर अपना लम्बा मोटा लौड़ा उसकी टाइट गांड में पेल दिया.

लौड़ा गांड के छेद को फाड़ता हुआ अन्दर घुसता चला गया.


वह बेहोश हो गया था शायद … यह देख कर मैं कुछ देर तो ऐसे ही लंड अन्दर घुसा कर पड़ा रहा ताकि रोहित को दर्द कम हो और गांड भी लंड के हिसाब से खुद को एडजस्ट कर ले.


कुछ देर बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और रोहित को किस करने लगा.

मैंने फिर से अपना लौड़ा उसकी गांड में उतार दिया.

उसके मुँह से दर्द भरी कामुक आवाजें आने लगीं.

उसकी मदमस्त करने वाली आवाजों को सुन कर मुझमें और जोश आ गया.

मैं उसको पूरी ताकत से चोदता रहा.


काफी देर तक लगातार चोदने के बाद मैंने अपना सारा वीर्य उसकी गांड में उतार दिया.

वह मेरे नंगे बदन से चिपट कर लेटे रह कर बातें करने लगा.


कुछ देर बाद मैं फिर से तैयार हो गया. इस बार मैंने उसे बिना कंडोम पहने चोदने का सोचा, इसलिए मैं नारियल का तेल ले आया.

वह मेरे लौड़े को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और मैं उसकी गांड को तेल पिलाने लगा.


अब मेरा लंड एकदम खड़ा हो चुका था, तो एक झटके में ही गांड में लंड घुसेड़ दिया.

इस वजह से रोहित के मुँह से मीठी चीख निकल गई.


मैंने उसे पूरी ताकत से चोदना शुरू कर दिया क्योंकि यह उसकी गांड चुदाई की दूसरी पारी थी … और मैंने सेक्स की गोली खा रखी थी, जिस कारण मेरा माल निकलने को राजी नहीं हो रहा था.


मैं उसे बिना रुके लगातार बहुत देर तक चोदता रहा.

मुझे बर्दाश्त करना रोहित के लिए बहुत ज्यादा मुश्किल हो रहा था.


पर मैं कहां रुकने वाला था.

दोस्तो, मैं बता नहीं सकता कि रोहित की टाइट गांड को चोदने में कितना मज़ा आ रहा था.

उसकी गांड ने मेरे लंड को टाइटली कस लिया था क्योंकि रोहित की गांड बहुत कसी हुई थी.


जैसे जैसे गांड गीली होने लगी, मेरा लंड और तेज़ी से अन्दर बाहर होने लगा.


अब रोहित को भी मज़ा आने लगा था.

वह भी अपनी कमर उठा उठा कर चुदवा रहा था.


हर धक्के के साथ रोहित की मादक आवाजें तेज़ होने लगी थीं ‘आअह्ह्ह उउम्म उफ्फ.’


रोहित की कामुक आवाजों ने मुझे और गर्म कर दिया था तो मैंने गांड चोदने की रफ़्तार और तेज़ कर दी.

रोहित की गांड में लंड तेज़ी से अन्दर बाहर हो रहा था.


उसकी मदभरी सिसकारियों से पूरा रूम भर गया था ‘आह्ह ह्ह उउह्ह ह्ह्ह … उइईई.’


मैं पूरा लंड बाहर निकाल कर एक ही झटके में पूरा लंड उसकी गांड में पेल देता.

हर धक्के पर रोहित की चीख निकल जाती- आह ह्ह उह्ह … ह्ह्ह उईई मम्मी मर गया.


मैंने भी चोदने की रफ़्तार और तेज़ कर दी, लंड तेज़ी से उसकी गांड में अन्दर बाहर अन्दर बाहर हो रहा था.

मैंने चुदाई और तेज़ कर दी.


लंड तेज़ी से अन्दर बाहर होने लगा.

मेरा लंड भी अब अपनी चरम पर पहुंच चुका था.


करीब 25 मिनट चुदने के बाद रोहित ने मुझे कसके अपनी बांहों में जकड़ लिया.

जैसे ही मैंने चार पांच जोर के धक्के गांड में मारे … रोहित अपनी कमर उठा कर ‘आह्ह ऊफ्फ फ्फ्फ़ उईई मम्मी रे मर गया …’ करता हुआ अपने लौड़े का रस छोड़ने लगा.

मैंने एक जोर का धक्का मार कर पूरा लंड गांड में घुसा दिया और मेरे लंड से वीर्य की तेज़ धार निकलने लगी.

चार पांच तेज़ धार के साथ वीर्य निकल कर रोहित की गांड में चला गया.


मेरा गर्म वीर्य जैसे ही रोहित की गांड गया, उसे लगा मानो उसे चरम सुख मिल गया हो.

रोहित निढाल होकर बेड पर लेटा रहा.

मैं भी रोहित के ऊपर ही लेट गया.


कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे एक दूसरे के ऊपर मेरा लंड अपने आप रोहित की गांड से बाहर निकल गया.

जब मैंने उठ कर उसकी गांड को देखा, तो देखता ही रह गया.


गांड पूरी 3 इंच खुल गई थीं, गांड में से अभी भी मेरे लंड का वीर्य निकल रहा था जो उसकी गांड से होते हुए बेड पर टपक रहा था.

मैंने उसकी गांड और मेरे लौड़े को साफ किया.


कुछ मिनट तक मैंने रोहित को कुछ नहीं किया, पर लंड को सिर्फ उसकी गांड नजर आ रही थी.


कुछ देर बाद मैंने वापिस रोहित को लेटाया और फिर से पूरा लौड़ा घुसा दिया.

उसके मुँह से आह आह उह निकलने लगा.


वह बोल रहा था- भैया, थोड़ा धीरे चोदो.


मैंने उसे बहुत देर तक चोदा और उसकी गांड में ही झड़ गया.

उस रात मैंने रोहित की गांड में छह राउंड फायरिंग की और उसके ऊपर रहम करते हुए उसे छोड़ दिया.

हम दोनों 4 बजे नंगे ही सो गए.

सुबह जागते ही मैंने देखा तो दस बज चुके थे, मैंने अपना लौड़ा रोहित के मुँह में दे दिया.


अब रोहित बड़े चाव से अपने मुँह में लंड ले रहा था.

हम दोनों ने चुदाई की और साथ में नहाए. साथ में खाना खाया अगले दो दिन तक मैंने ओर रोहित ने अपनी वासना को शांत किया.


दोस्तो आगे कैसे रोहित ने अपने फ्रेंड्स राहुल और महेश को भी मेरे लौड़े की सैर करवाई.


वह सब मैं आपको अगली गे सेक्स कहानी में बताऊंगा

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