अंकल की मस्त ग्रुप सेक्स की दुनिया - Group Sex Story

 अंकल की मस्त ग्रुप सेक्स की दुनिया - Group Sex Story

Ansuni Kahaniyan || अनसुनी कहानियां


दोस्तो, मेरी उम्र 30 साल है. अभी मेरी शादी नहीं हुई है.



मैंने एक दिन एक कपल से थ्रीसम का प्लान बनाया.


वे लोग काफी डर रहे थे या शायद डरने का ड्रामा कर रहे थे.



मुझे उनको मनाने में तीन महीने लग गए.



फिर तय हुआ कि हम लोग जो सेक्स करने जा रहे हैं, वह एक ग्रुप सेक्स होगा.


Group Sex Story यहीं से शुरू हुई.


मैं शाम को 9 बजे लोकेशन के हिसाब से एक फ्लैट में चला गया.



डोर बेल बजाने से एक 25 साल के लड़के रवि ने दरवाजा खोला.


वह काफी हैंडसम लड़का था.



मैं अन्दर गया तो दो बैडरूम वाला फ्लैट था और उस लड़के के कहे अनुसार मैं एक कमरे में चला गया.



वहां सुक्खी अंकल (50 साल) एक कम्बल ओढ़ कर लेटे हुए थे.



उनसे काफी देर तक बात हुई.


रवि ने कहा- मुझे अंकल के साथ सेक्स करना है, फिर सब आ जाएंगे तो उनके सामने मैं अंकल की गांड नहीं मार पाऊंगा.


मैंने ओके कह दिया.


उसने कम्बल हटा दिया और अंकल को डॉगी स्टाइल में करके उनकी गांड मारने लगा.



फिर अंकल ने मुझे अपने पास बुलाया और मेरी जींस में से मेरा लंड निकाल कर चूसने लगे.


मैं अंकल से लंड चुसवा कर मदहोश हो गया.



वे अपनी जीभ को मेरे लौड़े पर बड़े कायदे से फिरा कर पूरे लंड को साफ करते. फिर अपने दोनों होंठों में लंड को जकड़ कर उसे पूरा गले तक उतार लेते.



उनके गले तक लंड जाता तो मेरी आह निकल जाती.


वे इस तरह से बड़े मजे से मेरे लौड़े को चूस रहे थे.



मुझे पता ही नहीं चला कि कब अंकल के मुँह में मेरा पानी निकल गया.


मेरी तो आंखें मस्ती से बंद हो गई थीं.


जब लंड झड़ा तो मैंने आंखें खोलीं.


मेरे सामने रवि, अंकल की गांड को अब तक बजा रहा था.



तभी डोर बेल बजी तो मैं गेट खोलने के लिए जाने लगा.


पर अंकल ने मुझे रोक दिया और रवि को भेज दिया.



उन्होंने अपनी टांगों पर एक लुंगी पहनते हुए बताया कि जो लोग आज यहां आने वाले हैं, उन सबकी फोटो हमारे पास है, रवि को देख कर ही दरवाजा खोलने दो वर्ना मेरी वाइफ या बेटा आ गया तो हमारा पूरा प्लान खराब हो जाएगा.



मैंने पूछा- आपकी फैमिली कहां रहती है?


अंकल ने बताया- पास में ही मेरा एक और घर है, वे सब वहां रहते हैं.



अब मैं ओर अंकल कमरे से बाहर आये तो दो नए मेहमान आ गए थे.


उनमें मर्द का नाम रोहित था और वह 35 साल के लगभग का था.


उसकी पत्नी नैना भी उसी के जितनी उम्र की थी.



उसके दूध 36 साइज के थे और मोटी सी गांड थी.


ये वही कपल था, जिसके साथ मैं थ्रीसम करने वाला था.


रोहित ने मुझसे हैलो बोलते हुए कहा- दो और लोग आने वाले हैं!


मुझे मालूम था कि दो लड़कियां आने वाली हैं.



सुक्खी अंकल ने रवि को फोन करने को कहा.


फिर हम सब हॉल में रखी एक मेज़ के इर्द गिर्द आ गए और कुर्सियों पर बैठकर शराब पीने लगे.



फिर उधर दोनों लड़कियां भी आ गईं.


एक का नाम शिवानी था, उसकी उम्र 22 साल की थी.


चूचियां 32 इंच साइज़ की, पतली कमर और भरी हुई गांड थी.


उसका वजन शायद 50 किलो से भी कम रहा होगा.



दूसरी लड़की मोनी, लगभग 22 साल की थी.


उसकी चूचियों की साइज़ 36 और 38 साइज़ की गांड थी.



उसका रंग सबसे गोरा था लेकिन सबसे कम हाइट थी.


उन दोनों ने दारू पीने में हमारा साथ दिया.


हम सब चियर्स बोल कर मज़े से दारू पीने लगे और सिगरेट पीने लगे.



रोहित शिवानी को देखकर मदहोश हो रहा था.


अंकल और रवि की नज़र मोनी की मोटी और गोरी चूचियों पर अटकी थी.



दोनों लड़कियों ने जींस और टॉप पहना था, जबकि नैना ने पीली साड़ी पहनी थी.



मैं उनके बीच में घुसना नहीं चाहता था इसलिए मैंने नैना की तरफ़ इशारा किया.


लेकिन उसने देखकर भी अनदेखा कर दिया.



मैंने सोचा- ये साली बूढ़ी गांड यहां क्या करने आई है!



मैंने अपना दूसरा पैग ख़त्म किया और इंतज़ार करने लगा कि ये लोग खुद शुरू करें, ताकि मैं किसी के साथ शामिल हो सकूँ.



थोड़ी देर बाद रवि अपनी जगह से उठा और मोनी के पास गया.


वह उसे किस करने लगा.



रोहित को भी जोश आ गया और वो शिवानी के पास जाकर उसे पकड़ कर चूमने लगा.



मैं और नैना अब भी दर्शक बने उन्हें देख रहे थे.


कुछ ही देर में सब अपने कपड़े उतार कर नंगे हो गए.



रवि ने अपना लंड मोनी के मुँह में घुसा दिया और अंकल ने मोनी के चूतड़ पकड़ कर उसे घोड़ी बनाना शुरू कर दिया.


उधर रोहित शिवानी को फर्श पर गिराकर उसके ऊपर चढ़ गया और उसे चोदने लगा.



अंकल ने मोनी की चूत में लंड डालकर उसे चोदना शुरू कर दिया.


मैं और नैना बस देखते रहे.



नैना ये सब देखकर कमरे में जाने लगी.


मैं भी उसके पीछे कमरे में चला गया.



वह बाथरूम में घुस गई और मैं वहीं बेड पर बैठकर उसका इंतज़ार करने लगा.



नैना बाहर आई तो थोड़ा नशे में थी.


उसने कहा- तुम नहीं करोगे क्या सेक्स?


मैंने जवाब दिया- करूँगा तुम फ्रेश हो जाओ.


नैना ने बताया कि मेरा मन तो सेक्स करने का नहीं था, पर पति की वजह से मुझे यहां आना पड़ा.


वह मेरे बेड के दूसरी तरफ बैठ गई.



मैंने पूछा- तुमने अब तक कितने लोगों के साथ सेक्स किया है?


वह बोली- बस अपने पति के साथ!



शायद वह झूठ बोल रही थी … पर मुझे क्या फर्क पड़ने वाला था!



मैंने कहा- एक-एक पैग और बना कर ले आऊं क्या?


उसने हां में सिर हिला दिया.



मैं बाहर गया. वहां रोहित शिवानी को कुर्सी पर घोड़ी बनाकर उसकी गांड मार रहा था.


उसके धक्कों की रफ्तार से लगता था कि वो झड़ने वाला है और वह पतली-सी लड़की मजे से उसका मोटा लंड खाकर मस्ती से चुद रही थी.



मैंने आराम से दो हार्ड पैग बनाए और थोड़ी कोल्ड ड्रिंक मिक्स की.


फिर सोचा, देखूँ कि मोनी का क्या हाल है.


दूसरे कमरे में रवि बेड पर लेटा था, उसका लंड मोनी की चूत में था.



अंकल मोनी की मोटी गांड पर थप्पड़ मार-मारकर चोद रहे थे.


मोनी उनके बीच में सैंडविच बनकर मजे ले रही थी.



मैं दोनों हाथों में गिलास लेकर अपने कमरे में चला गया.


देखा तो नैना ने साड़ी उतारकर रख दी थी. वह ब्लाउज़ और पेटीकोट में बेड पर बैठ कर आराम से सिगरेट पी रही थी.


मुझे आया देखकर नैना बैठ गई.



मैंने उसके पास जाकर उसे एक गिलास पकड़ा दिया और उसके बगल में बैठ गया.


नैना भारी पियक्कड़ थी, साली ने एक ही बार में पूरा पैग पी लिया.


मैं धीरे-धीरे पी रहा था और उसे देख रहा था.



वह फिर से लेट गई और मेरा पैग भी खत्म हो गया.


मैं नैना को देखने लगा, तो उसने मुझे सरप्राइज़ कर दिया.



नैना ने मेरे दोनों कंधे पकड़ कर मुझे अपने ऊपर गिरा लिया.



मेरा चेहरा उसकी चूचियों पर गिर गया.


मैंने भी उसकी कमर पकड़ कर उसकी गर्दन और होंठों को चूसना शुरू कर दिया.


वह अपनी टांगें हिलाकर मुझे इशारा करने लगी.


मैंने उसके हाथों से छूटकर उसका पेटीकोट खोलकर फेंक दिया.


उसने कहा- उठाकर बेड पर रखो, अभी पहनना पड़ेगा!



मैंने उसका पेटीकोट उठाकर बेड पर रखा.



नैना ने अपनी ब्रा और ब्लाउज़ दोनों उतार दिए.


मैंने उसकी पैंटी पकड़ कर नीचे खींच दी.



उसकी पैंटी थोड़ी गीली थी, तो मैं समझ गया कि नैना गर्म हो गई है.



मैंने उसकी टांगों को नीचे दबाकर उसके ऊपर आ गया, लंड अन्दर घुसाकर धक्के लगाने लगा.


नैना कुछ ज़्यादा ही शोर मचा रही थी!



मैंने धक्कों की रफ्तार तेज़ कर दी.


वह साली रंडी और ज़ोर से चिल्लाने लगी- उई माँ मर गई … आह मेरी फट गई!



उसका ड्रामा सुनकर उसका पति रोहित नंगा ही अन्दर आ गया.



रोहित बोला- साली! कितना ड्रामा कर रही है! पहले कह रही थी कि मैं किसी और से सेक्स नहीं करूँगी … और अब देख कितने मजे से चुद रही है!


नैना कुछ नहीं बोली.



मैंने सोचा कि ये साला बकचोदी करता रहा तो मूड खराब हो जाएगा.


मैंने कहा- रोहित, तुम बाहर जाओ! शिवानी के मजे लो, इसको मैं बड़े प्यार से चोद-चोदकर रंडी बना दूँगा.



वह साला भुनभुनाता हुआ बाहर चला गया और मैं फिर से नैना की चूत को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.



अब नैना आवाज़ तो नहीं कर रही थी लेकिन उं आंह अभी भी कर रही थी.



मैं लगातार 20-25 मिनट चोदने के बाद थोड़ा रुक गया.


फिर गेट के पास जाकर मैंने दरवाजा लॉक कर दिया.


मैंने सोचा कि अब नैना को काफी प्राइवेसी मिलेगी.



मैं फिर से नैना के पास आकर लेट गया और उसकी चूची को दबा-दबाकर मज़ा लेने लगा.


नैना की आवाज़ ‘आह उफ़ …’ शुरू हो गई.



मैंने नैना को पकड़ कर अपने ऊपर खींच लिया.


वह मेरे लंड की सवारी करने लगी.


उसकी मोटी गांड बार-बार ऊपर-नीचे हो रही थी.



उसकी चूचियां उम्र के हिसाब से काफी लटक गई थीं.


शायद काफी मर्दों ने नोंची और चूसी मसली भी होंगी.



लंड पर धक्के लगाने से उसकी चूचियां खूब हिल-हिलकर मुझे मज़ा दे रही थीं.



फिर उस साली ने मेरी छाती पर हाथ रखकर पक्की रंडी की तरह ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए.



इससे हुआ यह कि कुछ ही देर में उसकी चूत का पानी निकल गया.


अब वह मेरे ऊपर गिरकर ज़ोर-ज़ोर से साँस ले रही थी.


उसकी गर्म साँसें मेरी छाती पर मुझे महसूस हो रही थीं.


मैं अभी झड़ा नहीं था तो मैंने उसे नीचे गिराकर उसकी टांगें हवा में उठाईं और फिर से उसे चोदने लगा.



वह फिर से जोश में आ गई.



मेरी कमर को पकड़ कर अपनी चूचियों को मेरी छाती में दबा रही थी.


मैंने उसकी टांग को उसके हाथ के पास मोड़ दिया.



उसको बहुत दर्द हुआ और वह फिर से ‘उई माँ उई माँ’ करने लगी.


मैं धक्के मार-मारकर उसको चोद रहा था.



इस बार मैंने और उसने लगभग एक साथ पानी छोड़ा.


मैं उसके ऊपर गिरकर आराम करने लगा.



रोहित फिर से दरवाजे पर आ गया.


मैंने गेट खोला तो वह अपनी चुदाई की बात बताने लगा और फिर अपनी वाइफ की चुदाई के मजे के बारे में पूछने लगा.



बाहर जाकर मैंने देखा तो शिवानी कुर्सी पर बैठकर ड्रिंक पी रही थी.



मैं उसके पास गया और थोड़ा चकना खाकर अपना पैग बनाया.


मैं शिवानी के पास बैठ गया.

उसने बताया कि वे दोनों पैसे लेकर चुदवाने आई हैं.



वे कई बार अंकल और रवि के पास आती हैं और कई लोग अंकल के फ्लैट पर आकर उनके साथ मजे करते हैं.



मैंने शिवानी को अपनी गोद में बैठने को कहा.


वह अपनी चूचियों को मेरी ओर करके मेरी जांघों पर बैठ गई.



मैं उसकी छोटी-छोटी चूचियों को अपने गिलास में डुबो डुबो कर पी रहा था.


मेरा लंड उसकी चूत की गर्मी महसूस करके फिर से साँप की तरह खड़ा हो गया और उसकी जांघों में चुभने लगा.



वह मेरे सामने बैठ गई और लंड को मुँह में भरकर चूसने लगी.


मैंने उसकी छोटी चूची का निप्पल पकड़ कर खींचा.



वह ‘सी आह!’ करके मेरी ओर देखने लगी और फिर से लंड चूसने लगी.


मैंने उससे गांड मारने को कहा तो उसने कंडोम लगाकर करने को कहा.



मैंने उसको डाइनिंग टेबल पर घोड़ी बना लिया.


उसने भी पक्की कुतिया की तरह कमर झुकाकर अपनी गांड बाहर निकाल दी.


मैंने लंड घुसाकर उसकी कमर पकड़ ली और चुदाई करने लगा.



मैं बोला- कॉल गर्ल तो गांड में नहीं लेतीं!


उसने जवाब दिया- सर, मॉडर्न जमाना है, अब कौन छोड़ रहा है … मुँह, गांड, सब जगह चोद-चोदकर मजे करते हैं!


मैं उसको चोद रहा था कि रोहित आ गया.


वह बोला- भाई, मुझे भी इसकी गांड मारनी थी!



मैंने कहा- भाई, तू अपनी वाइफ के पास चला गया तो मैंने सोचा तुम दोनों को अकेला छोड़ दूँ!


रोहित ने कहा- तू मेरी वाइफ के साथ कर ले, जो करना है, शिवानी को बस मुझे दे दे!



मैंने ज्यादा सोचा नहीं और अपना लंड निकाल लिया.


वह साला पीछे से आकर शिवानी की गांड मारने लगा.



मोनी, रवि और अंकल भी वहीं पर आ गए.



अंकल ने कहा- रोहित, ये गलत बात है! हमारे यहां किसी का छेद में घुसा हुआ लंड नहीं निकलना चाहिए!


वह चुप रहा.



अंकल ने कहा- इसकी सजा तुझे मिलेगी!



इतना कह कर अंकल रोहित के पीछे जाकर उसकी गांड मारने लगे.


वह साला मजे से शिवानी की गांड चोदने में लगा रहा.



मोनी ने मेरा लंड चूसकर कहा- तुम परेशान मत हो, मैं हूँ तुम्हारी कुतिया, मैं मजा दूँगी!


वह मस्ती से मेरा लंड चूसने लगी.


मैंने मोनी की मोटी गांड पकड़ कर उठाई और नैना के पास कमरे में ले गया.


वहां नंगी नैना सो रही थी.



मैंने मोनी को उसके पास गिराया और उसकी गांड मारने लगा.


वह साली मजे में ‘आह-आह!’ करती रही.



तभी नैना उठकर बैठ गई.



मैं मोनी को बेड पर गिराकर उसकी गांड चोद रहा था.


मोनी ने नैना को पास बुलाकर उसकी चूचियों को चूसना शुरू कर दिया.



मैं और जोश में आ गया और मोनी की मोटी गांड पर थप-थप करके धक्के लगाने लगा.



मोनी थोड़ा थक गई और बेड पर सिर रखकर लेट गई.


मैंने सोचा, अभी-अभी ये दो मर्दों के बीच सैंडविच बनी थी, इसे थोड़ा आराम करने दूँ. वैसे भी इसने नैना को गर्म किया ताकि मैं नैना की लूँ और मोनी को आराम करने दूं.



मैंने मोनी के चूतड़ पर जोर से मारा और बोला- तू आराम कर, मैं नैना की गांड का स्वाद लेता हूँ!


लेकिन नैना ने मना कर दिया.



मैंने कहा- रोहित बाहर अंकल से गांड मरवा रहा है, तुझे क्या दिक्कत है!


नैना को भरोसा नहीं हुआ कि उसका पति गांड मरवा रहा है.


वह खुद गेट के पास गई और ‘हे भगवान!’ बोलती हुई वापस आ गई.


मैंने उसे पकड़कर बेड पर गिरा दिया और उसे किस करने लगा.



नैना बोली- मुझे भरोसा नहीं हो रहा! रोहित ऐसे फालतू काम भी करेगा!



मैंने कहा- यार, मजे करो! जवानी बहुत जल्दी निकल जाती है, जितने मजे लेने हैं, ले लो!


नैना बोली- तुम धीरे-धीरे डालना मेरी गांड में!



मोनी ने कहा- कुछ तेल लगा लो या फिर दूसरे कमरे में कंडोम रखा है, उसे लगाओ, आराम से घुस जाएगा!


मैं दूसरे कमरे में गया और कंडोम ले आया.



मैंने नैना की गांड में लंड घुसाया तो वो ‘उई माँ!’ करके रोने लगी.


लेकिन मोनी ने उसके मुँह में अपनी चूची घुसा दी. मैं धीरे-धीरे नैना की गांड मारने लगा.



नैना मोनी का दूध चूस-चूसकर मजे ले रही थी और मैं डॉगी स्टाइल में उसकी गांड मार रहा था.


इस तरह अंकल के फ्लैट पर हमारा पहला दिन बीत गया.



चूंकि मैं अंकल के कमरे पर रेगुलर जाता हूँ, तो मुझे पता था कि कल भी बैंड बाजा बजेगा और शायद कुछ नए छेद भी आ जाएं.

आगे की सेक्स कहानी मैं बाद में बताऊंगा.


वह किसी और नाम से, किसी और नई चूत-गांड के मिलन की होगी


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