Hindi Gay sex masti story – गे जीजा की गांड की खुजली मिटाई

 Hindi Gay sex masti story – गे जीजा की गांड की खुजली मिटाई


Ansuni Kahaniyan || अनसुनी कहानियां


हाई दोस्तों में अनूप (नाम बदला हुआ), बिहार से इंडियांगेसेक्श के सभी मित्रो को प्रणाम करता हूँ. मैं कोई समलिंगी नहीं हूँ लेकिन मैंने आज तक 2 बार गे सेक्स का अनुभव किया हैं. और आप को जान के आश्चर्य होगा की इसमें से एक गे यानी की समलिंगी अनुभव तो मैंने अपने खुद के जीजा के साथ किया हैं. आज की स्टोरी भी उसी प्रसंग के उपर लिखी हुई हैं. यह एक सत्य घटना हैं और मुझे आज तक उस काली रात की एक एक सेकंड याद हैं. उस दिन मैं किसी काम से लखनऊ गया था, वापसी की ट्रेन दुसरे दिन दोपहर को थी. मेरा काम अंदाजे से जल्दी निपट गया था. लखनऊ में ही रहती मेरी मौसी की बेटी सुधा के वहाँ मैंने फोन किया और उसके घर रात रहने को चला गया.


जीजा ने खूब दारु पिला दी


सुधा के पति निखिल एक जूनियर इंजीनियर थे और लखनऊ पावर हाउस प्रोजेक्ट में काम करते थे. इस से पहले मैं उन्हें केवल दो बार शादी वगेरह में मिला था. लेकिन आज मेरे स्वागत में उन्होंने कोई कमी नहीं रखी. शाम को घर में शानी कबाब और बकरे की बिरयानी बनी थी. खाने के पहले जीजा ने मुझे पूछा की क्या मैं ड्रिंक करता हूँ, मेरे हाँ कहते ही जीजा ने दो पेग बनाई. हम दोनों पेग की चुसकिया ले रहे थे तभी सुधा बोली की उसे किसी की शादी के महंदी प्रोग्राम में जाना है. जीजा ने उसे कहा की कोई बात नहीं हम खा लेंगे. सुधा ने जीजा को 11 बजे पिक करने को कहा. सुधा जल्दी खाना खा के निकल गई. हम दोनों ने भी खाना निपटा दिया और कुछ देर तक हम लोगो ने शराब नहीं पी. खाना थोडा हजम होने के जीजा ने फिर से पेग बनाई और बोले की पोर्न देखते हो…!!! मैं चोंक गया की जीजा यह क्या कह रहा हैं. कभी कोई जीजा भी साले से यह सब कहता हैं क्या. मैंने जूठ बोलते हुए ना में सर हिलाया. जीजा बोला, आज देखोंगे. मैं क्या कहूँ वो समझ नहीं पड़ रहा था. तभी जीजा ने मेरी जांघ के ऊपर हाथ मारते हुए कहा, अरे यार घबराओ मत मैं खडूस जीजा नहीं हूँ. उसके जांघ के उपर हाथ देते ही मेरे मन में एक सवाल आया की क्या जीजा गे हैं….? फिर मैंने सोचा नहीं ऐसा नहीं हो सकता क्यूंकि मैंने सुधा के मुहं से हमेंशा उसकी तारीफ़ ही सुनी थी.

जीजा ने मूवी तो बायसेक्स्युअल वाली ही लगाई


जीजा ने अपने लेपटोप को ओन किया और अंदर के एक फोल्डर से एक ग्रुप पोर्न की लॉन्ग क्लिप लगाई. यह क्लिप कुछ पाने घंटे की थी. उसमे बायसेक्स्युअल लोगो की एक्शन दिखाई गई थी. जिसमे तिन मर्द और दो औरते थी. यह मर्द चूत भी चोदते थे और बारी बारी उनमे से एक मर्द अपनी गांड भी मरवाता था. मैंने देखा की जीजा पेग पे पेग पिला रहा था मुझे और खुद एक पेग को लम्बे समय तक खिंच रहा था. थोड़ी देर में ही मेरा लंड पूरा के पूरा तन गया और आँखे भी शराब के नशे में भारी होने लगी. तभी मुझे अपनी जांघ के उपर कुछ हलचल सी लगी. वो जीजा निखिल का हाथ था जो मेरे ताने हुए लंड की तरफ बढ़ रहा था. उसने बिना कुछ नोटिस दिए मेरा लंड पकड़ लिया. मेरा शक सही था, जीजा जी गे था और उसने मेरे लंड के उपर नजर ख़राब की थी

उधर मूवी में वो तीनो गे कम स्ट्रेट लौंडे अपनी गांड में बारी बारी 9 इंच का लौड़ा लेते जा रहे थे. जीजा ने तो मेरी पेंट की क्लिप खोल दी और लंड को आजाद कर दिया. मैंने इस से पहले एक मेले में एक 19 साल के लड़के के साथ गे सेक्स किया था. उस वक्त भी उस लड़के ने ही मुझे उसका के अपनी गांड मरवाई थी, वरना मैं गे नहीं हूँ. लेकिन गांड मिले तो छोड़ता भी नहीं हूँ.


जीजा के मुहं में लौड़ा दे दिया

जीजा ने अब लंड के सुपाड़े को अपने हाथ से माला और फिर वो मेरे पाँव के पास बैठ गया. मैं अभी कुछ समझू उसके पहले तो मेरा लौड़ा जीजा के मुहं का सुख पा रहा था. उसने पुरे का पूरा लंड मुहं में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगा. मेरी शराब कब की उड़ चुकी थी, हाँ मुझे हलकी हलकी किक लग रही थी लेकिन मैं पुरे होश में था. जीजा के दांत हलके हलके मेरे लंड को दबा रहे थे और उसके मुहं में बची हुई शराब और थूंक का मिश्रण लंड को पोलिश कर रहा था. जीजा जी ने कुछ 2 मिनिट तक लड़को चूसने का कार्यक्रम चालू रखा और फिर वो अपनी बड़ी बरमूडा खोल के टेबल के पास उलटे खड़े हुए. उन्होंने अपनी अंडरवेर उतारी. उनकी गांड के उपर हलके हलके बाल उगे हुए थे. मैंने सोचा की लौड़ा क्या क्या गंदे काम करवाता हैं. और दूसरी बात मुझे यह अजीब लगी के जितने भी गे होते हैं वो अपनी गांड चिकनी रखते हैं बिना बाल के; तो फिर क्या जीजा पक्का गे नहीं था क्या. जीजा ने तभी वही पड़ी एक शीशी से कुछ तेल निकाला और अपनी गांड पे लगाया. उन्होंने अब मुझे इशारा कर के अपने पास बुलाया. मैं जैसे ही वहाँ पहुंचा जीजा पलंग के ऊपर अपनी तोप जैसी गांड को खोल के बैठा. मैंने जीजा की गांड को देखा, वो तेल लगाने की वजह से चिकनी बनी पड़ी थी. जीजा ने अपने हाथ में मेरा लंड लिया और अपनी गे एस में दे दिया.

गे जीजा की गांड मार दी


तेल की चिकनाहट की वजह से लंड फट से जीजा की गांड में धंस गया और जीजा के मुहं से एक आह निकल गई. मैंने धीरे धीरे से अपने लौड़े के झटके उसकी गांड में देने चालू किये. जीजा अपनी गांड को और चौड़ी कर के लंड को पूरा अंदर अपनी गे गांड में लेने लगा. उसने मेरी जांघो के उपर हाथ रखे हुए थे ताकि मेरे झटको को कंट्रोल कर सके. मैंने फचफच गांड को फाड़ना चालू कर दिया और 10 मिनिट की ठुकाई के अंदर ही मेरा वीर्य जीजा की गांड को भरने लगा. बहुत सारा वीर्य जीजा की गांड के छेद से बाहर भी आने लग. मैंने फट से बाथरूम जा के अपना लंड धोया और पतलून पहन के सुधा ने बताई हुई जगह पे सो गया. सुभ उठते ही मेरे मन में बहुत बुरे ख्याल आ रहे थे. मैंने कैसे जीजा की गांड मारी, वो गे थे और उनकी गांड में खुजली थी पर मुझे तो समझना चाहिए थे.

दोस्तों आप को क्या लगता हैं, मैंने गे जीजा की गांड मार के सही किया या गलत. आप प्लीज़ मुझे बताये, मैं शर्म के मारे अपनी दीदी सुधा के वहाँ भी नहीं जाता हूँ आजकल………!!!

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