Train Mai Mila Chikna Gandu
राहुल 25 साल का था। मध्य प्रदेश के धार जिले से। उसका बदन देखकर कोई भी लड़का पागल हो जाए – 6 फीट लंबा, मस्कुलर, चौड़ी छाती, बाइसेप्स फटे हुए, पेट पर साफ-साफ सिक्स पैक। और सबसे खतरनाक चीज थी उसकी – 8 इंच लंबी, मोटी, गहरी नीली रगों वाली, हमेशा कड़क खड़ी रहने वाली लंड। ट्रेन में बैठते ही उसकी टाइट जींस में वो उभरकर दिख रहा था।
वो धार से दिल्ली जा रहा था AC 2nd tier में। रात के 10:30 बजे ट्रेन इंदौर से गुजर चुकी थी। राहुल की लोअर बर्थ पर वो लेटा हुआ था। बगल की बर्थ पर एक लड़का बैठा था – नाम था आरव। 23 साल का, बेहद चिकना, गोरा, स्मूद स्किन, पतला लेकिन कसी हुई बॉडी वाला। उसके गाल गुलाबी, होंठ मोटे और आँखें ऐसी कि देखते ही मन में गंदी-गंदी बातें आने लगें। वो एकदम परफेक्ट “गेंदू” टाइप था – नर्म, मुलायम, और बिल्कुल तैयार।
राहुल ने आरव को देखा तो उसका लंड तुरंत हिल गया। “भाई, कहाँ तक जा रहे हो?” राहुल ने मुस्कुराते हुए पूछा। आरव ने शरमाते हुए जवाब दिया, “दिल्ली… आप?” “मैं भी दिल्ली।” राहुल ने अपनी मस्कुलर बाहें ऊपर करके स्ट्रेच किया। उसकी टी-शर्ट ऊपर चढ़ गई और पेट के एब्स दिख गए। आरव की नजरें वहीं अटक गईं।
धीरे-धीरे बातें बढ़ीं। राहुल: “अकेले ट्रैवल कर रहे हो? डर नहीं लगता रात में?” आरव (मुस्कुराते हुए): “अब तो नहीं… आप जैसे मस्कुलर भैया साथ में हैं तो।”
राहुल समझ गया कि मछली काँटे पर लग गई है। रात के 12:30 बजे लाइट्स डिम हो गईं। पूरा कोच सो चुका था। राहुल ने धीरे से अपना पैर आरव की बर्थ की तरफ बढ़ाया और आरव की जांघ को छू लिया। आरव ने झटके से नहीं हटाया, बल्कि मुस्कुराकर राहुल की तरफ देखा।
राहुल फुसफुसाया, “आरव… आ जा मेरी बर्थ पर… कोई नहीं देखेगा।”
आरव चुपके से उतरकर राहुल की लोअर बर्थ पर आ गया। दोनों एक-दूसरे से सटकर लेट गए। राहुल ने तुरंत आरव को अपनी मजबूत बाहों में जकड़ लिया और उसके होंठों पर जोरदार किस किया। दोनों की जीभें एक-दूसरे में घुल गईं। आरव की सांसें तेज हो गईं। राहुल ने आरव की शर्ट ऊपर कर दी और उसके निप्पल चूसने लगा। आरव के मुँह से हल्की-हल्की आहें निकल रही थीं – “उम्म्म… राहुल… धीरे…”
राहुल ने आरव का पैंट और अंडरवीयर दोनों एक साथ नीचे किया। आरव का 5 इंच का चिकना, बिना बाल वाला लंड खड़ा था। राहुल ने उसे मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। आरव राहुल के बाल पकड़कर उसके सिर को दबा रहा था। “आह्ह्ह… राहुल… तुम्हारा मुँह बहुत गर्म है…”
फिर राहुल ने अपनी जींस खोली। उसका 8 इंच का मोटा, काला, कड़क लंड बाहर आ गया। आरव की आँखें फैल गईं। “इतना मोटा…?” राहुल मुस्कुराया, “अब लेना पड़ेगा पूरा।”
राहुल ने आरव को कुत्ते की तरह मोड़ा। आरव घुटनों के बल था, गाँड ऊपर। राहुल ने थूक लगाकर अपनी लंड की टिप आरव की टाइट गाँड पर रखी और धीरे-धीरे अंदर डाला। आरव: “आह्ह्ह… धीरे राहुल… बहुत मोटा है…” राहुल ने एक जोरदार धक्का दिया और आधा लंड अंदर चला गया। फिर पूरा 8 इंच तक घुसा दिया। आरव के मुँह से चीख निकलने वाली थी, लेकिन राहुल ने उसके मुँह पर हाथ रख दिया।
फिर शुरू हुआ जोरदार चुदाई। राहुल आरव की कमर पकड़कर पूरे जोर से धक्के लगा रहा था। हर धक्के पर आरव की गाँड हिल रही थी। “पक… पक… पक…” की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। राहुल बार-बार आरव के कान में फुसफुसा रहा था – “ले मेरी रानी… पूरी ले… तेरी गाँड बहुत टाइट है…”
पहली बार में ही दोनों का झड़ गया। राहुल ने आरव की गाँड के अंदर ही पूरा माल भर दिया।
लेकिन राहुल अभी थका नहीं था। दूसरी बार – राहुल लेट गया, आरव उसके ऊपर बैठ गया। आरव ने राहुल की लंड अपनी गाँड में खुद डाली और ऊपर-नीचे होने लगा। राहुल आरव के स्तन मसल रहा था और नीचे से धक्के दे रहा था। आरव की आहें पूरी बर्थ पर गूंज रही थीं – “हां राहुल… और तेज… फाड़ दो मेरी गाँड…”
तीसरी बार – दोनों 69 पोजीशन में। राहुल आरव का लंड चूस रहा था और आरव राहुल का पूरा 8 इंच गले तक ले रहा था। दोनों एक साथ झड़े।
रात भर तीन बार पूरा सेक्स हुआ। सुबह 5 बजे तक दोनों पसीने से तर-बतर, गले मिलकर सो गए। राहुल ने आरव की गाँड पर हल्का-हल्का थपथपाते हुए कहा, “दिल्ली पहुंचकर भी मिलेंगे ना?” आरव शरमाते हुए बोला, “हां… तुम्हारा ये 8 इंच वाला लंड अब मेरी गाँड का दीवाना हो गया है।”

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें